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Tuesday, January 31, 2012

अब डॉट कॉम की जगह डॉट इन

कल शाम से  मेरा ब्लाग् खुलने में दिक्कत आ रही थी मैने काफी मसकत की लेकिन नहीं खुल रहा था मैने हार कर छोड़ दिय सोचा गुगल सर्वर पर कार्य चल रहा होगा लेकिन जब आज ब्लॉग खोला तो देखा ब्लॉग का डामन नेम ही चेंज हो गया हैं जहां पहले sbhamboo.blogspot.com लिखकर वहां पर डॉट कॉम की जगह डॉट इन  कर दिया गया हैं sbhamboo.blogspot.in फिर मैने सोचा मेरे का ही हुआ होगा जब कई और ब्लॉग खोलकर देखे तो सब का ही डॉमन नेम चेंज हुआ मिला अब क्यो किया है? ये जो गुगल ही जाने पर अभी तो खुलने में कोइ परेशानी नहीं आ रही हैं हो सकता हैं आगे कॉम वाले पते से अपना ब्लॉग खुले या ना खुले अभी तक तो उसी पते से ब्लॉग खुल रहा हैं खुलने के बाद कॉम की जगह डॉट इन लिखा आता हैं ,हो सकता हैं इसकी वजह से हमारी फिड ही न उठायी जाये ?, हो सकता है कि भविष्य में ये पेड भी हो जाये और हमें इसके लिए रकम भी चुकानी पड़े , खैर जब तक खुलता हैं ठीक हैं  ? परन्तु अगर ये पैड हो जाता हैं तो इससे बहुत से हम जैसे  ब्लागर्स बन्दुओं को मुस्किल और हानी होगी।  बेचारों के हाथ से फ्री का प्लेट फार्म छिन जायेगा।

अगर आपको कोई विस्तृत जानकारी हैं तो बतायें ऐसा क्यो ?





आपके पढ़ने लायक यहां भी है।

 

 

 

ये काटा वो मारा के साथ बगड़ की मकर-संक्रांति

 

 

 

नव वर्ष 2012 की हार्दिक शुभकामनाएं, मालीगांव

मेरे बाप पहले आप( लक्ष्य का बाल हट )

कड़ाके दार सर्दी घने कोहरे के साथ,मालीगांव



 

Saturday, January 14, 2012

ये काटा वो मारा के साथ बगड़ की मकर-संक्रांति

 सभी देसवासियों को मकर-संक्रांति व लोहड़ी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं
वैसे आपको पता हैं इस साल मकर-संक्रांति दो दिन मनाई जा रही हैं 14 व 15 जनवरी को तो लोगों के व बच्चों के लिए ये भी एक खुशखबरी हैं कि दो दिन तक उन्हें पतंग बाजी का आन्नद उठाने को मिलेगा।  सर्दी के इस मौसम में आज का दिन बहुत ही अच्छा निकाला आज प्रातःअच्छी धुप निकलने के साथ ही बच्चे  व जवान अपनी अपनी छतों पर चढ गये और आकाश में रंग बिरंगी पंतंगे उडने लगी और इसके साथ ही वातावरण में ये काटा वो मारा ये लूटा की आवजे भी गुजने लगी ये नजारा हैं बगड़ शहर जो हमारी नगरी हैं मैने इन क्षणों को केमरे में कैद किया और आपके सामने पेश कर दिया।
  मैने भी इस पर्व का पंतंगों के साथ बहुत लुफ्त उठाया ।
 वेसे मुझे इतनी  पंतंग उडानी नहीं आती हैं और न ही मुझे इतना शोख हैं पर फिर भी शोर गुल माहौल का आनन्द जरूर उठा लेता हूं।
आज  बगड़ की छतों का नजारा देखने लायका है।  क्या  बच्चे क्या बूढे सभी पतंगबाजी का जमकर मजा ले रहे हैं ।
 वैसे सबसे ज्यादा खुशी इस त्यौहार की बच्चों में देखी गई कई बच्चे तो लुटने के लिए बड़े बड़े छड़े (किलीया) लेकर दोड़ रहें और कुछ ताली बजा बजा कर आनन्द ले रहें हैं ।

 ये फोटो जाटाबसा जो बगड़ का एक मौहल्ला है से पुरे बगड़  का नजारा लिया गया हैं ।
 लोगों की पतंग खुब उचाई तक उड रही हैं और पुरा आसमान रगबिरंगी पंतों से भरा पड़ा हैं कुल मिलाकर मौसम और माहौल बहुत ही अच्छा हैं पुरा शकर आनन्द के हिलोरे ले रहा हैं ।
 पेचे होते दो पंतग जो  ऐसे लग रहें जैसे आपस में गले मिल रहें हों ।
मेरा भान्जा सोनू पंतंग उडाता हुआ ।

 साथ में मेरे दोस्त शंकर और मौहल्ले के बच्चे भी हैं

 चरखी ले कर पंतग उछा कर झुमता मेरे दोस्त शंकर का बच्चा
 दुसरे की पंतक काट कर मजा उठाता शंकर

दुसरे की पंतक काट कर मजा उठाता शंकर

 कुछ लोग दुकान जिसके बारे में मैं आपको पहले भी बता चुका हूं श्री अन्नपूर्णा मिष्टान भण्डार जिसकी प्रसिद्ध मिठाया ले रहें हैं










आपके पढ़ने लायक यहां भी है।

मेरे बाप पहले आप( लक्ष्य का बाल हट )

कड़ाके दार सर्दी घने कोहरे के साथ,मालीगांव



 

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