बगड़ नगर की प्राकृतिक छटा जो एक पल के लिए देखने वाले का मन मोह ले
मै आपको बगड़ नगरी का प्राकृतिक नजारा दिखाने जा रहा हूं जिसको मैने बारिश के बाद अपने केमरे में कैद किया है। बारिश के बाद का यह दृश्य बहुत ही मन मोहक लग रहा था मैने मेरी दुकान के उपर की टेरिस पर जाकर ये फोटो लिये जहां से पुरा बगड़ दिखाई देता है।
और आप पास के गांव भी दिखाई देते है। बगड़ नगरी हरी भरी वादियों में घिरी बहुत सुंदर लग रही थी
शायद धुँध मय मौसम होने के कारण फोटों इतने अच्छे न आ पाये हो लेकिन आखों से यह नजारा बहुत ही मन मोहक लग रहा था
आखों को मनोरम लगने वाला यह दृश्य किसी जन्नत से कम नहीं था ऐसा मन कर रहा था कि अगर पंख होते तो उड़ कर इस छटा का मौसम का आनन्द उठा सकूं
चारों तरफ से हरे पेड़ों से घिरी ये नगरी ऐसे लग रही थी मानों कश्मीर की वादिया यहां ही आ गई है।

सन् 1928 में निर्मित बगड़ का प्रवेश द्वारा कहा जाने वाला यह पीरामल गेट भी अति सुन्दर लग रहा था
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