

काफी दिनों से एक सवाल मन में चक्कर लगा रहा था? सोच आज आपके आपसे पुछ ही लिया जाये ? भारत देश एक धार्मिक सहिष्णुता वाला देश है इसमें हर धर्म के लोग रहते हैं और आपने अपने धर्म के देवी देवता धार्मिक ग्रन्थ आदि को पूजते हैं इसी क्रम में एक धर्म है हिन्दू धर्म जिसमें में भी आता हूं जिस प्रकार जिस प्रकार बाइबिल,कुरान,गुरूग्रन्थ साहिब अपने अपने धर्म के पवित्र ग्रन्थ उसी प्रकार हिन्दू धर्म का पवित्र ग्रन्थ
श्रीमद भगवत् गीता है और ये वास्तव में है भी पवित्र ग्रन्थ इसी प्रकार रामायण व महाभारत भी महा ग्रन्थ व महाकाव्य माने गये है हमें मालूम है रामायण के रचयिता महाकिव तुलसी दास जी है और महाभारत के रचियता महाकवि वेदव्यास जी है जिन्होने श्री गणेज जी की सहायता से महाभारत लिखी बकायदा आज भी इन पवित्र पुस्तकों के उपर उनके लेखक रचयिता के नाम अंकित है लेकिन क्या आपको पता है कि हमारे पवित्र ग्रन्थ गीता का लेखक कौन है? मैने आज तक किसी गीता की पुस्तक पर उसके लेखक या रचयिता का नाम नहीं देखा ? इतना बड़ा पवित्र ग्रन्थ है जिस पर पुरे हिन्दू रीति रिवाज धर्म कर्म निर्धारित है क्या वो बिना लेखक या रचयिता के ही लिखी गई ? तो फिर उस पर उसके रचयिता का नाम क्यों नहीं क्या किसी सज्जन को पता है कि पवित्र गीता के रचयिता कौन है ? और उस पर रचयिता का नाम क्यों नहीं? पुरी हिन्दू संस्कृति जिसके निदर्शन में चल रही है हमें उसके ही लेखक का नाम तक मालूम नहीं ये हमारे लिए बड़ी हि विडंबना की बात है कि हमें हमारे पवित्र ग्रन्थ के रचयिता का नाम तक मालूम नहीं आप ये मत कहना कि इसके रचयिता वेद व्यास जी है अगर वे है तो इस पर उनका नाम क्यों नहीं? श्रीजयदयाल गोयन्दका भी उसके परम प्रचारक ही है।
हालाँकि में कोई विद्वान नहीं हूं मुझे ज्यादा इस बारे में पता भी नहीं लेकिन ये विचार मेंरे मन में आया और मैने आपसे पुछ लिया मैने कई लोगो से पुछ भी लेकिन कोई संतुष्टि जनक उत्तर नहीं दे पाया अगर किसी विद्वान् को मालूम हो तो कृपया बताने की कृपा करें
आपके पढ़ने लायक यहां भी है।