सूचना

यह वेब पेज इन्टरनेट एक्सप्लोरर 6 में ठीक से दिखाई नहीं देता है तो इसे मोजिला फायर फॉक्स 3 या IE 7 या उससे ऊपर का वर्जन काम में लेवें

Wednesday, August 15, 2018

72 वें स्वतंत्रता दिवस ही हार्दिक शुभकामनाएं

 सभी देश वासियों,मेरे देश के रक्षकों (तीनों सेना के सैनिको ) दोस्तों,ब्लॉग जगत के सभी पाठकों ,ब्लॉग मालिको को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
सबसे पहले मेरा उन शहीदों को  शत शत नमन जिनकी वजह से आज हम ये स्वतंत्रता दिवस मना रहें है। 
 आज देश 72 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है।   कहने को तो हम स्वतंत्र है पर क्या सही मायने में हम स्वतंत्र है ?  सबसे पहले आतंकवाद ,जाति वाद,धर्म वाद( धर्म गत राजनीति), भ्रष्टाचार,और घोटाले और बच जाये वो लाल किले की उस पवित्र प्राचीर पर खड़े होकर लम्बी लम्बी बकवाद आज की स्वतंत्रता देखकर उन दिवंगत आत्माओं को भी शर्म आ रही होगी कि उन्होंने इस स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण गवायें थे
मन उब गया है ये सब सुनते- सुनते और झेलते- झेलते
इन चार पांच बकवादों के अलावा किसी विषय पर सोच पाया है देश अभी तक शायद नहीं  मै किसी पार्टी विशेष की बात नहीं कर रहा हूं सब पार्टियां एक जैसी है
 सब के पास अपनी रोटी सेकने के लिए इन पांच चार मुद्दों के अलावा कुछ है ही नहीं !!!
इधर देखों चाहें उधर सब घोटाले इन इन हराम खोर नेताओं के ही क्यों हैं ?
क्योकि ये आज भी आम जनता को गुलाम ही समझते हैं और  आपस में हिन्दू मुस्लिम जाट,हरिजन,ब्राह्मण, सिखा आदि का तेल छिड़क कर  बहकाते रहते हैं
और जनता के पैसे से ऐसो आराम करते है।
तो क्या हम स्वतंत्र हुए  नहीं न   क्योंकि गुलाम तो हम आज भी बने हुए हैं पहले अंग्रेजों के थे उनकी ही नीति पर आज इन हराम-खोर नेताओं के बन चुके है।
इसीलिए आज हम और देश सिर्फ कहने मात्र के लिए  स्वतंत्र है। बाकि सब इनके हाथ में  ये अपने स्वार्थ के लिए जब चाहे कानून को तोड़ मरोड़ देते हैं MLA MP नेता अनपढ़ बन सकता हैं सरपंच के लिए 8 वीं 10 वी पास जरूरी है।  वाह देश स्वतंत्र है।  कानून हमारे लिए लागू उनके लिए नहीं ?
वो जेल से चुनाव लड़ सकते  है।  आम आदमी को केस लग जाये तो नोकरी नहीं  वाह ! देश स्वतंत्र है।?
अनपढ़ हम पर राज करें ?और हम पढ़ लिखें आज  अनपढ़ बन कर देखते रहें फिर भी कहेंगे देश स्वतंत्र है?
कितना भी लिखा दो इनके लिए कम ही कम और आप सब जानते है आपसे छुपा क्या हैं ?
ज्यादा लिखने में फायदा भी कया है।
क्या करें सुबह सुबह लम्बी सुनकर दिमाक झन्ना गया  लिखने लगा ...........
चलो छोड़े ये सब
एक फिर आप सभी दोस्तों को पाठको को देशवासियों को कहने के लिए स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
इसी के साथ इजाज़त   फिर मिलते हैं ....

लक्ष्य

Monday, August 13, 2018

सावन सुरंगी आई तीज तीज की हार्दिक शुभकामनाएं

 आप सभी को त्योहारों के श्रीमोर त्योहार "तीज" की हार्दिक शुभकामनाएं श्रीमोर इसलिए कि गणगौर त्योहार के लगभग 4माह के बाद ये त्योहार आता है इसके बाद ही अन्य त्यौहारों का आगमन होता है इसलिए गावो में एक कहावत भी प्रचलित है
"तीज त्योहारा बावड़ी, ले डूबी गणगौर"
अर्थात गणगौर त्योहारों का अंतिम त्यौहार है इसके बाद काफी समय के बाद तीज का त्यौहार ही आता है तीज ही इन त्योहारों को लेकर वापस आती है। इसीलिए इसे त्यौहारों का श्रीमोर कहा गया है ये सावन के मस्त महीने में आती है चारो तरफ हरियाली ओर बारिश का मौसम बड़ा ही मनमोहक लगता है अब तो सब कुछ इस निगोड़े मोबाइल या मानो टेक्नोलॉजी ने भुला दिया है । पर पहले सावन माह लगते ही गावो में झूले डल जाते थे गांव की बहन बेटियां बड़े बूढ़े तक झूलते थे ओर बहन बेटियां इकट्ठी होकर तीज के गीत गाया करती थी झूले का अपना अलग ही अंदाज़ है आजकल ये झूले लुप्त हो गए है कहा गए वो दिन??किसी को पता है तो बताबो
वैसे तो आजकल सभी त्योहारों की महत्ता प्रायः घटती जा रही है। 
पता नहीं इस धर्म को क्या हो गया है?


मैंने इस परम्परा को जीवित रख रखा है इसलिए हर साल बेटे लक्ष्य के लिए दो दिन के लिए ही सही पर झूला जरूर डालता हु ओर उसे झूले देता हूं ओर आपके साथ शेयर करता हु
ताकि आने वाली पीढ़ी को पता चले कि ये भी एक जमाना था और झूले का भी अपना अलग ही महत्व था
बेटे लक्ष्य को डाल कर दिया झूला ओर वो झूला झूलते हुए वीडियो और फोटो के साथ आपके सामने शेयर कर रहा हु कैसा लगे बताना जरूर
ओर इस लोकाचार के बारे में आपका क्या मानना है बताना?





काफी दिनों से ब्लॉग पर कुछ लिख नहीं पा रहा हूं कारण  कि फेसबुक और व्हाटसअप ने इसको कम कर दिया हैं जो कुछ भी सामने आता है तुरंत  फेसबुक पर ही डाल देते हैं ब्लॉग तक जाने का ध्यान ही नहीं रहता है।
इसके लिए क्षमां चाहुगा और कोशिश करूँगा की अब ब्लॉग पर ज्यादा से ज्यादा लिख सकूं 
आज के लिए इतना ही अब इजाज़त ....

लक्ष्य


अन्य महत्वपूर्ण लिंक

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...