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Friday, May 7, 2010

मेरे बारे में ..

Surendra Singh Bhamboo
नाम                       - सुरेन्द्र सिंह भाम्बू
पिता का नाम          - श्री जीवन सिंह भाम्बू
गांव                         - मालीगांव
तह.                         - चिड़ावा
जिला                       - झुन्झुनूं
राज्य                       - राजस्थान
देस                         - भारत
मो.                        - 9829277798

मेरे दादा के परिवार का परिचय
मेरे दादा का नाम स्व. चौ रामनाथ सिंह भाम्बू है।
मेरे परदादा का नाम  चौ. सुबेदार पिरानाराम भाम्बू है।
पिरानाराम जी के दो लड के हुए १ का नाम रामनाथ था और २ का शिवनारायण था।
रामनाथ के ४ लड के है।
१.    मालसिंह भाम्बू
२.    जीवन राम भाम्बू
३.    विजयपाल भाम्बू
४.    मूलचन्द भाम्बू
और शिवनारायण के १ लडका है।
१    हरिसिंह भाम्बू

मेरे ताउजी (बाबोजी)  श्री मालसिंह जी कैप्टन से रिटायरमेन्ट है।
मेरे पापाजी स्व. श्री जीवण राम जी एक किसान थे।
मेरे चाचाजी श्री विजयपाल जी  राजस्थान रोड़वेज में यू.डी.सी है। रोड़वेज
मेरे चाचाजी श्री मूलचन्द जी  शिक्षा विभाग में अध्यापक है।

माल सिंह के २ लड के है।
१ सहदेव सिंह भाम्बू
२. सत्यवीर सिंह भाम्बू
3 मेरे चाचा विजयपाल सिंह के 2 बच्चे    लड़की लड़का
1  डिम्पल
2  मनजीत
4. मेरे चाचाजी मूलचन्द जी के भी दो बच्चे  लड़का व लड़की
1. रचिन्द्र जो आब डॉक्टर  है।
2. सरोज 

मेरे परिवार का परचिय
मेरी मम्मी का नाम श्रीमती किताब देवी है जिनका गांव हमीरवास (बजावा ) है।
मेरे पापा का नाम स्व. श्री जीवण राम जी भाम्बू
उनके चार बच्चे है। 3 लड़कीया 1 लड़का
सुरेन्द्र सिंह भाम्बू यानि मैं हूं।
मेरा जन्म  ०१ जून १९८० को मेरे पैतृक गांव मालीगांव में हुआ।
मैं एक किसान परिवार से हूं। मेरे पिताजी खेती का कार्य किया करते थे।
हमारे खेत में एक कुआ है। यही पर हम रहते है।

मेरी बहिने
मेरे परिवार में हम तीन बिहने क्रमशः १. चन्द्रकला, २ शारदा ३. सुमन और  इकलोता एक मैं उनका भाई हूं।
मेरी बहिनों की शादी
चन्द्रकला व शारदा की
भीर्र गांव जो बुहाना तहसील में पड़ता वहा हुई है।
क्रमशाः श्रीमान विरेन्द्र सिंह जी मान
श्रीमान धर्मेन्द्र सिंह जी मान
 जो मुझ से छोटी है। सुमन की शादी
नांद का बास रो चुरू रोड़ पर रिजाणी के आगे है वहां हुई है।
श्रीमान विकास जी सिहाग के साथ

मेरी पढ़ाई के बारे में 
मेरी प्राथमिक पढ़ाई मेरी ही ग्राम पंचायत के एक छोटे से गांव धीरा वाली ढ़ाणी में हुई जहां
मैने कक्षा १ से कक्षा ५ तक शिक्षा ग्रहण की  वहां मैं आपने चाचा जी जो वहां पर मास्टर थे जाता था।
कक्षा ६ से कक्षा ८ तक की शिक्षा मेरे ही गांव की सरकारी स्कूल राजकीय माध्यमिक विद्यालय मालीगांव नारनोद  में प्राप्त की।
कक्षा ९ और १० वीं की पढ़ाई मैनें पाड़ोस के गांव कासिमपुरा के सरकारी विद्यालय से प्राप्त की।
मैने १० वीं कक्षा सन्‌ १९९५ में उत्तीर्ण कर ली थी। ४२ प्रतिद्गात अंको सें।
फिर मेरी पढ़ाई बगड  कस्बे जो हमारे गांव से ५ कि.मी. दूर पड ता है वहां के एक निजी स्कूल  सेठ पिरामल सी.सै. स्कूल वहां से प्राप्त की वहां से मैने कक्षा ११ व
कक्षा १२  पास की विषय (आर्ट ) हिन्दी साहित्य,राजनैतिक विज्ञान,इतिहास विषयों से पास की।
मैने १२ कक्षा सन्‌ १९९७ में पास की  इस दौरान मैने कई बार सरकारी नौकरी फोज की भर्ति के लिए कौशिश भी की लैकिन नहीं हो सका ।
फिर मैने मेरी पढ़ाई को जारी रखते हुए बगड  के ही एक निजी कॉलेज सैठ भगवानदास शिवभगवान पटवारी कॉलेज से बी.ए. की डिग्री हासिल की ।बी.ए. मैने सन्‌ २००० में पास की थी ४९ प्रतिद्गात अंकों के साथ ।
मेरी विशेषकर रूचि
उस समय मुझे कम्प्यूटर के बारे में थोड़ी सी जानकारी प्राप्त हुई मेरी इच्छा कम्प्यूटर पढ ने की हुई। मैने बगड  कस्बे में खुले एक सेंटर पेस  नामक संस्थान से कम्प्यूटर का प्राथमिक ज्ञान प्राप्त किया मेरी रूची कप्म्यूटर को सिखने के लिए बढ ती गई। मैने २००१ में कम्प्यूटर का डिप्लोमा लिया और कई सेंटरो पर पढ़ाना शुरू किया। मुकुन्दगढ  कानोरिया कॉलेज में भी कम्प्यूटर पढ़ाया। बाद में मैने अपनी खुद की कम्प्यूटर की दुकान खोलने का निश्चय कर लिया। और वैसे तो मैने १९९८ से ही कम्प्यूटर का कार्य जैसे कार्ड छपाई आदि का कार्य शुरू कर दिया था 
मेरा सपना मेरी कम्प्यूटर की दूकान
 सन्‌ २००१ में मैने अपनी पर्सनल दुकान शुरू कर दी। जो बगड  में बी.एल. स्कूल और बैंक ऑफ बड़ोदा  के पास थी। जिसका नाम मैने श्री नेशनल कम्प्यूटर आर्ट  डिजीटल कलर लैब रखा जो आज भी उसी नाम से चला रहा हूं। मेरी दुकान के अन्दर आज स्टूडियो का कार्य, शादी विवाह के लिए व सभी प्रकार की छपाई का कार्य तथा कम्प्यूटर रिपेयर तथा कप्म्यूटर सिखलाई का कार्य करवाता हूं।
 २००४ में मैने अपनी दुकान का स्थान परिवर्तन कर लिया जो बगड  के पूर्व क्षेत्र में आज पीरामल गेट के पास स्थित है। जब मैने दुकान प्रारम्भ की तब बगड  में कम्प्यूटर द्वारा छपाई करने वाला एक मात्र मैं ही दुकानदार था बगड  के अन्दर बिजनैस के परपज से कम्प्यूटर लाने वाला पहला मै ही एक दुकान दार था।
सन्‌ २००८ मैं मैने बी.एड. की परिक्षा दी उसमें पास हाने के बाद मैने राजस्थान विद्गवविद्यालय से बी.एड की डिगी्र भी प्राप्त कर ली बी.एड में मैने ७२ प्रतिशत अंक  प्राप्त किये।
मेरी जिन्दगी की सबसे दुःखद दिन        
इस दौरान मेरे साथ एक दुखद घटना घटित हुई मेरे पिताजी श्री जीवण राम जी का असाध्य रोग कैंसर सें निधन हो गया उनका निधन १० जनवरी २००९ को प्रातः ४.१५ बजे हुआ। वो मेरी जिन्दगी का एक सबसे दुखद दिन था।
मेरी शादी के बारे में 
१५ जून २००९ को मेरी शादी चिड़ावा तहसिल के एक गांव जखोड़ा में श्री प्रभूराम जी की सुपुत्री अन्जू से हो गई।

 १५ अप्रेल २००१० को मेरे घर एक पुत्र का जन्म हुआ।
 जिसका नाम मैने लक्ष्य रखा है।

मेरी अभिरूचियां
मेरा पसदिदा  खाना - सादा खाना मुंझे पंसद है।
कैरी की सब्जी,सांगरी की सब्जी,कढ़ी भिण्डी की सब्जी मुझे बहुत पंसद है।

मेरा पंसदिदा रंग क्रीम कलर है।
मेरा पंसदिदा  साबुन लायबॉय तथा लक्स है।
मैं सदाबाहर गाने सुनना पंसद करता हूं।
दौस्ती करना मुझे बहुत अच्छा लगता है।
समाज सैवा करने में मुझे खुंशी होती है।
बच्चो से मुझे बहुत प्यार है।
मुझे पालतु पशुओं से भी प्रेम है।
मेरी रूची फुटबॉल के गेम में है।
और ज्यादातर रूचि कम्प्यूटर पर कुछ नया खोजने व करने में रहती है।

'' हमारी जिन्दगी की तो बस यही एके छोटी सी कहानी है,
कुछ रब की कुछ यारों की मेहबानी है। ''
    
                                       एस. एस. भाम्बू

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