सूचना

यह वेब पेज इन्टरनेट एक्सप्लोरर 6 में ठीक से दिखाई नहीं देता है तो इसे मोजिला फायर फॉक्स 3 या IE 7 या उससे ऊपर का वर्जन काम में लेवें
Showing posts with label बगड़. Show all posts
Showing posts with label बगड़. Show all posts

Sunday, January 15, 2023

मालीगांव आज जमी बर्फ़ सर्दी ने दिखाया अपना रंग

मालीगांव आज सर्दी भयंकर आज जमी बर्फ़ सर्दी ने दिखाया अपना तीखा रंग
नमस्कार पाठकों काफी दिनों बाद रूबरू होने का।मौका मिला है सबसे पहले 2023 नव वर्ष की आप सभी को परिवार सहित हार्दिक बधाई शुभकामनाएं फिर मकरसंक्रांति पर्व की भी हार्दिक शुभकामनाएं
आज सुबह उठे तो देखा पूरा बाहर पड़ा समान सफेद दिखाई दिया ये सफेदी और कुछ नही प्रकृति द्वारा बरसी बर्फ़ थी जो बाहर पड़े समान पर जमकर उसे सफेद बना रही थी इस बर्फ़ से छोटे कोमल पेड़ पौधों को पहुँचा नुकसान ।
सर्दी से मुरझाए पौधे
सर्दी में जमी बर्फ सरसो पे जमी बर्फ
आज के लिए इतना ही मिलते ह कोई नई खबर के साथ तब तक देखते रहिएगा आपका अपना ये ब्लॉग मालीगांव 


Monday, August 20, 2018

आपा डोलर में हिडांगां आपा चकरी मैं बैठांगा मेला बगड़,लक्ष्य के इंजॉय के कुछ

बगड़ व आस पास के गांवों के लोगो के लिए खुश खबरी बगड़ के श्याम मंदिर के सामने ग्राउंड में रक्षाबंधन ओर जन्माष्ठमी के त्योहारों को मध्यनजर रखते हुए मारवाड़ हैंडी क्राफ्ट एवं उधोग मेले का शुभ आरंभ आज शाम 7 बजे हो चुका है ये मेला 3 सितम्बर चलेगा ये मेला इंडियन मीडिया जर्नलिस्ट यूनियन झुंझुनू के तत्वावधान में लगाया गया है इसे लगवाने में सहयोग भाई विजेंद्र मेहता यूनियन के राजस्थान प्रदेश इकाई के प्रदेश सचिव तथा बलदेव जी सैनी का है इस मेले में आपको एक ही छत के नीचे कई प्रकार की वस्तुएं खरीदने व देखने को मिलेगी जिसमे घरेलू सामान ,चाट व खाने पीने का आइटम खासकर औरतों की जरूरत सम्बन्धी खरीदारी का समान बच्चों के खिलौने व उनके कपड़े आदि उपलब्ध रहेगा। मेले का विशेष आकर्षण बच्चों के कई प्रकार के छोटे बड़े झूले है जिनमे बच्चें झूलकर आनन्द ले सकते है

शहरों में वैसे तो ये झुले मेले आम हो गये हैं पर गांवों में इनका क्रेज अभी भी बाकी है। लोग बड़े चाव से मेला देखने आते हैं और बच्चों को झुले दिलवाने के लिए साथ लाते है। और गांव की औरते भी चकरी डोलर हिण्डे में हिडंने के लिए ललायत रहती है।



हेलिकाप्टर झुले का आनन्द लेते हुए बेटा लक्ष्य

बगड़ मेले में बेटा लक्ष्य विभिन्न प्रकार के झूलो में झूलते हुए ओर पानी मे बोट चलते हुए लक्ष्य के इंजॉय के कुछ पल।
आप घूमे की नही मेले में ??

हेलिकाप्टर झुले का आनन्द लेते हुए बेटा लक्ष्य 
हेलिकाप्टर झुले का आनन्द लेते हुए बेटा लक्ष्य

जीफ गाड़ी झुले का पर मस्ती करते हुए बेटा लक्ष्य

पानी में नाव /बोट चलाने का मजा लुटते हुए बेटा लक्ष्य
जीफ गाड़ी झुले का पर मस्ती करते हुए बेटा लक्ष्य


पानी में नाव /बोट चलाने का मजा लुटते हुए बेटा लक्ष्य
बाईक झुले का मजा लेते हुए















बाईक झुले का मजा लेते हुए
बाईक झुले का मजा लेते हुए
अतः आप सभी से अनुरोध है इस मेले में ज्यादा से ज्यादा पधार कर मेले का लाभ लेवें ओर बच्चों को झूलो का आनन्द दिलावे क्योकि अब आपको इस प्रकार के मेले ओर बड़े झूलो के लिये बड़े शहर 15- 20किमी दूर जाने की जरूरत नही सब कुछ आपके शहर बगड़ में ही उपलब्ध है इस मेले में ।
मेले का एक नज़ारा एक झलक पेश है


आज के लिए इतना ही मिलते है ब्रेक के बाद....



लक्ष्य


Sunday, September 24, 2017

मां मेरे भी सर सर पे अपना हाथ रख दे

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता । 
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
   "सदा भवानी दाहिनी सन्नमुख रहत गणेश, पांच देव रक्षा करें बह्मा, विष्णु, महेश"
 सबसे पहले सभी देशवासियों, पाठकों  को नव रात्री पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं ।
आप सबको मालुम है नवराता नौ दिन तक चलता हैं और इन नौ दिनों में माता के अलग अलग नौ रूपों की पूजा की जाती हैं जिसकी पोस्ट मै। पहले लिख चुका हुं।  इन  नौ दिनों में सभी माता भक्तों के मुंह पर माता के जयकारे रहते हैं और मन्दिरों के अलावा घर घर में माताएं बहने सभी नवरात्रा घट स्थापना करते हैं और नौ दिनों तक माता की पूजा अर्चना करते हैं तथा व्रत रखकर माता से मन मांगा वर पाते हैं

हर वर्ष की भातिं इस वर्ष भी बगड़ नगर में माता भवानी के दरबार सजाये गयें है। वैसे तो लगभग हर घर में माता की घट स्थापना हो रही हैं लेकिन मुख्य रूप से बगड़ में अब की बार तीन के स्थान पर छः जगह मन्दिरों में माता के दरबार सजाये गये है। जिनमें दो पहले हर वर्ष सजाये जाते रहे हैं 1 तो बगड़ के पुराने दुर्गा मन्दिर,

 दुसरे फतेहसागर तालाब के पास और इस बार छटी बार  खटीकान मौहल्ला के  अलावा नई जगह  निर्मल मौहल्ला जाटाबास में भी मां भवानी का दरबार सजाया गया। पहले नवराते के दिन कलश यात्रा के द्वारा बगड़ में की गई घट और मां की मूर्ति स्थापना कलश यात्रा भव्य रैली में बगड़ की माताएं बहने अपने सर पर रंगोली से सुसज्जित कलश रखकर बगड़ की गलियों में चक्कर लगाकर माता के भजनों पर डीजे के साथ नाचते गाते घट स्थापना कर दरबार सजानें में चार चांद लगा रही हैं माता के आशीर्वाद को पाने के लिए हमारा बगड़ नगर कैसे दूर रह सकता है।  बगड़ के पश्चिम दिशा में फतेह सागर तालाब के पास भी माता का भव्य दरबार सजाया गया हैं और यहां नौ दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ साथ मृदुल भजन सध्या का आयोजन किया जायेगा। आज इन तीनों  ही जगह सेकड़ों माता भक्तों ने आज माता के दरबार में अपना मत्था टेक मां से अभयदान, सुख समृद्धि, और अमन- चैन  मुराद मांगी।
आरती के समय फतेह सागर तालाब पर स्थित दरबार में काफी संख्या में भक्त जन इकट्ठा होत  है।





दुर्गा माता के आरती कर्ता पुजारी जी के साथ माता का आशीर्वाद लेते हुए  
मैं मेरे मित्र शंकर लाल योगी के साथ माता के दर्शनों लाभ उठाने गया था
माता का प्रसाद गृहण करते हुए
  मैने भी इन जगह जाकर माता के भजनों व दर्शनों का अनुपम लाभ उठाया
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मुझे भी माता की आरती में जाने का सौभाग्य मिला  
मैने माता की आरती के फोटो औ आरती की विडियों बनाई जो आपके साथ शेयर कर रहा हूं। 

आपके पढ़ने लायक यहां भी है।

कानो सुनी को होते देख लिया बुंदिया बाबा बगड़

वाघा (बाघा) बार्डर परेड,अमृतसर

अमृतसर, स्वर्ण मंदिर दर्शन

घुमंत् फिरत चलो मां वैष्णो देवी के दरबार

अन्दाज अपना-अपना (मानव जाति के शौकीन आधुनिक पूर्वज)

मायड़ भाषा राजस्थानी री शान बढ़ावण हाळा ब्लॉग

लक्ष्य

Tuesday, September 5, 2017

क्या आज का शिक्षक गुरु कहलाने लायक है? शिक्षक दिवस

आज  हम आये दिन न्यूज़ में देखते है फलां स्कूल में फलां शिक्षक ने स्कूल की छात्रा केसाथ किया  शर्मनाक ,गलत काम गाव वालो ने की पिटाई या शिक्षक लापता आये दिन ऐसे भेड़ियों की तस्वीरे शोशल मीडिया पर वायरल होती रहती है  इनके बारे में क्या लिखूं इनकी चर्चा करते हुए भी शर्म आती है ये पूरे गुरु समाज को कलंक लगते है बेचारे भले गुरुवो को भी शर्म आती है इनके करतूत देख कर ओर शिक्षा के मामले में ये कितने विद्वान है ये भी आपको बताने की जरूरत नही है आप इनके इंटरवयू के वीडियो फेस बुक ओर व्हाट्सअप पर देखते ही है इनको देश की राजधानी का नाम तक मालूम नही ओर तो कइयों को तो अपने मुख्यमंत्री का नाम तक नही मालूम लिखने में तो इनका कोई जबाब नही इनको ABCD की स्पेलिंग तक नही लिखनी आती शुद्ध पढ़ना तक नही आता और ये सरकार से  तनख्वा लेते है 30 हजार लानत है ऐसी सरकार पर जो रिश्वत ले कर ऐसे शिक्षक भर्ती कर लेती है  अगर इन गन्दे भेडियो के सबूत चाहिए तो मेरे से मांग लेना मेरे पास पिछले दिनों आये सभी वीडियो और फोटोज ऑडियो मैजूद है पर मै यहां डाल नही रहा क्योकि आप सभी ने वो देखे भी है और मैं ऐसे गन्दे लोगो के लिए अपना स्पेश अपना ब्लॉग गन्दा नही रखना चाहता अगर किसी को चाहिए तो प्रशनल ले सकता है इन्हें हटाना ओर सजा दें सरकार की ज़िमेदारी है पर वो छूट पुट सजा देकर फिर बहाल दक देती है
खैर मैं भी कहा इन भेडियो के चक्कर मे सुबह सुबह अपना दिमाक खराब कर रहा हु
अब बात करते है उन शिक्षकों को जो आज भी सही मायने में गुरु शब्द की महिमा बनाये रखे हुए है चाहये तादाद में कम ही ही पर है तो सही और आज 5 सितम्बर है शिक्षक दिवस है मेरी तरफ से मेरे उन सभी गुरुजनो को चरणवन्दन
गुरु की वंदना में उन महान संत कबीर दास जी के कुछ दोहे याद आ गए जिन्होंने आज से कई सालों पहले गुरु की महिमा को चित्रित किया था गुरु को सर्वश्रेष्ट का दर्जा दिया था हालांकि आज कल कुछ गुरु समाज और गुरु नाम पर कंलक लगा रहे है मेरा उनसे अनुरोध है सुधर जावो ओर गुरु शब्द की महिमा को समझो कि गुरु क्या है?

गुरुः साक्षात्परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नमः
गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वरः
गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय।
बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय।।
गुरू बिन ज्ञान न उपजै, गुरू बिन मिलै न मोष।
गुरू बिन लखै न सत्य को गुरू बिन मिटै न दोष।।
गुरू पारस को अन्तरो, जानत हैं सब संत।
वह लोहा कंचन करे, ये करि लेय महंत।।
गुरू कुम्हार शिष कुंभ है, गढि़ गढि़ काढ़ै खोट।
अन्तर हाथ सहार दै, बाहर बाहै चोट।।
शिक्षक दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाये

आपके पढ़ने लायक यहां भी है। 

कानो सुनी को होते देख लिया बुंदिया बाबा बगड़

लोकदेवता जाहरवीर गोगाजी महाराज

स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी की हार्दिक बधाईयां


खेजड़ी वृक्ष की महिमा जो आज खतरे में है....

राजस्थान का गौरव कल्प वृक्ष कहा जाने वाला वृक्ष खेजड़ी (जांटी) है खतरे में ??

शेखावाटी का प्रसिद्ध रसदार खाद्य फल,पील

हीरा तो चमके बाळू रेत म।

लक्ष्य

Tuesday, August 22, 2017

कानो सुनी को होते देख लिया बुंदिया बाबा बगड़




बगड़
सुना था आज होते देख लिया इसे चमत्कार कहू या लोगों की आस्था
बगड़ में चंद्रनाथ जी आश्रम के पीछे मनियरो की कब्रो में एक बाबा का दरबार है जिनको बगड़ वासी बुंदिया बाबा के नाम से ही जानते है वैसे इनका नाम अलिशहीद बाबा है इनका इतिहास कई सौ सालो पुराना बताया जाता है वो एक सिद्ध पुरुष  फकीर बाबा थे उनकी कही सब बातें सच होती थी उनका देहांत हुवा ओर उनकी समाधि या मज़ार उसी कब्रगाह में  बनी हुई है। लोगों का ऐसा मानना है जब पुराने जमाने मे बारीश नही होती थी तो गाव के लोग इकट्ठा होकर बाबा की मजार पर खिचड़ा ओर मीठे चावल बनाकर बाटते थे ऐसा बताया जाता है जब तक वो कड़ाई खत्म होती यानी लोग खीचड़ा या चावल खाते उससे पहले पहले बरसात आ जाती थी और लोग हाथ ओर चलु उस बरसात से ही धोते ओर करते थे ऐसे सिद्ध पुरुष थे बाबा कालांतर में वह मीठे चावल बाटे जाने लगे और बाबा को बुंदिये बहुत पसंद  थे इसलिए बाद में बुंदिये बाटे जाने लगे। अब तो काफी सालो से सब कुछ बन्द ही था।लोग जैसे उन्हें भूल ही गए थे।
इन दिनों बारिश न होने की वजह से बगड़ ओर आस पास के इलाके की फसलें नष्ट हो रही थी तो मार्किट में बैठे बैठे यू ही बारिश की  चर्चा चल रही थी तो मुझे उनके चमत्कार के बारे में पता चला मैन सोचा नेकी ओर पूछ पूछ क्यो न बाबा को ही याद किया जाए ताकि सुख रही व  बर्बाद हो रही फ़सलो को बचाया जा सके और बाबा के चमत्कार की आजमाइस भी हो जाये तो मैंने मार्केट में प्रपोजल रख दिया और तुरन्त 11 किलो लड्डू बाबा के दरबार मे चढ़ा कर बाजार में बाटे ओर शाम को ही हल्की बूंदा बांदी हुई मुझे विश्वास होने लगा कुछ लोगो ने कहा लड्डू नही बाबा को बुंदिये ज्यादा पसंद है तो हम मार्केट वालो ने फिर से पैसे इकट्ठा करके 22 किलो बुंदिये बनवाये ओर बाबा के दरबार मे जाकर मैंने अपने हाथों से बाबा को भोग लगाया और बाबा से अरदास की की है बाबा जल्दी बारिश करवा फ़स्लो को नष्ट होने से बचा ओर आज भी तेरे होने का सुबूत दे।मेरे साथ पुरुषोत्तम जागिड़ कालू बुंदेला ,धर्मेंद्र बुंदेला ,सीताराम, रजनीश सैनी भी बाबा के दरबार गए थे दोस्तो आज बाबा ने अपने होने का सबूत दे दिया है आज बगड़ में 10-15 अगुल बारिश हो गई जो फ़सल दो बूंदो के लिए तरस रही थी वो आज तरबतर हो है।आप मानो या न मानो ये मेरा खुद का आजमाया हुवा चमत्कार है ।कल ही बुंदिये बाटे ओर आज जोरदार बारिश हो गई हालांकि तुरन्त बरसात वाला काम तो नही बना शायद ये कलयुग का प्रभाव हो सकता है या काफी दिनों तक बाबा को याद

न करने पर बाबा की नाराज़गी हो सकती है आज दूसरे दिन बारिश जरूर हुई है अब आप विश्वास करो न करो मुझे विश्वास है मेने आजमा के देख लिया है।
अब आपको बाबा की मज़ार के दर्शन करवा देता हूं
 



प्रेम से बोलो बुंदिया बाबा उर्फ अलिशहीद बाबा की जय
By :-
Surendra Singh Bhamboo   सुरेन्द्र सिंह भाम्बू

आपके पढ़ने लायक यहां भी है। 


लोकदेवता जाहरवीर गोगाजी महाराज

स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी की हार्दिक बधाईयां


खेजड़ी वृक्ष की महिमा जो आज खतरे में है....

राजस्थान का गौरव कल्प वृक्ष कहा जाने वाला वृक्ष खेजड़ी (जांटी) है खतरे में ??

शेखावाटी का प्रसिद्ध रसदार खाद्य फल,पील

हीरा तो चमके बाळू रेत म।

लक्ष्य

Monday, August 14, 2017

स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी की हार्दिक बधाईयां

आप सभी  देशवासियों, दोस्तों,ब्लॉग जगत के सभी पाठकों ,ब्लॉग मालिको को हमारी तरफ से श्री कृष्ण जन्माष्टमी और स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाईयां
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी दोनों एक साथ मनाई जा रही  हैं। शायद कृष्ण जी को आजादी के दिन ही आजाद होना था इसलिए आजादी का दिन और अपने जन्म का दिन एक कर दिया इसी दिन देश को आजादी मिली और आज के दिन ही भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ भगवान भी यही चाहते है कि हम अपनी का आजादी का दिन उनके जन्म दिन के रूप में मनाये ।वैसे इस बार अद्भुदसयोंग है क्योंकि इस  बार पूरे 30 साल बाद एक बडा ही विचित्र सयोंग  बना हैं। यें संयोंग पूरें 30 साल बाद बना है। इससें पहलें यें संयोग 15 अगस्त 1987 को बना था, जब  हिन्दू धर्म के त्योहारों का सबसें ख़ास माना जानें वाला श्री कृष्ण जन्माष्टमी एवं  हमारे देश की आजादी का सबसें बडा दिन अर्थात 15 अगस्त दोंनों एक ही दिन मनायें गयें।

इस दिन  की मध्यरात्रि को एक खास बात यें हैं कि इस बार कृष्ण जन्म के समय ना तों अष्टमी तिथि होगी और ना ही रोहिणी नक्षत्र। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान मुरलीधर  का जन्म  मध्यरात्रि अष्टमी की बेला में रोहिणी नक्षत्र के दौरान हुआ था, मगर इस बार 15 अगस्त कों यें दोनों ही संयोंग एक दूसरें सें भिन्न है। इस बार मध्यरात्रि सुबह 2 बजकर 32 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र 16 अगस्त को  लगेगा सुनने में यह भी आया है कि इस बार कई जगहों पर दो दिन तक जन्माष्टमी मनाई जाएगी

अब आजादी पर क्या कहूँ देश आज आजाद तो है पर शायद कहने मात्र के लिए हम आजाद है तो देश की सरकार को क्यों समझ नहीं आ रहा है वो क्यों धर्म के नाम पर राजनीति कर रही  ये तोे वो ही जाने  धर्म के नाम पर भाई भाई को लड़ा कर अपना वोट  बैंक पक्का कर रही है।

 कोई बेचारा  ऑक्सीजन के लिए तड़फ तड़फ कर मर रहा  हैं कोई किसान बिजली पानी की समस्या के लिए धरने पर बैठा है कोई पेड पर झुल कर जान दे रहा  है ये कैसी विडंबना है। जब भगवान खुद स्वतंत्रता दिवस के दिन जन्म लेना चाहते हैं तोे ये सफेद-पोश क्यों भाई भाई को लड़ाकर अपना फायदा उठा रहें हैं  ये क्या हो रहा है मेरी देश को   हे प्रभू मेरी आपसे ये ही विनती है आप इन्हें सुबुद्धि दे ताकि वोटों के लिए  मेरे भारत के टुकड़े न करें
अरे !! मैं ये कहा भटक गया आजादी के दिन कैसी कैसी बातें लिखने लगा   पर क्या करू मन का गुस्सा फुट ही पड़ता है। पर.......  चलो इन बातों को छोड़ते है और आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते है। साथ में बाल गोपाल के जन्म दिन पर बधाई देते है। आप सभी उस सृष्टि रचयिता, मुरली धर, माखन चोर का जन्म दिन  बड़ी धूम धाम के साथ मनाऐं
 

 
 हर वर्ष की भाँति इस वर्ष भी हमारी नगरी बगड़  में पीरामल गेट के पास  आज कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही हैं
  मौहल्ले के बच्चे बड़े हर्षोल्लास से यह त्योहार मना रहें हैं और रात्रि को भजन व कीर्त्तन होगा। 

श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व बनाम/ (केसरिया) पहले की पोस्ट  में  इस पर्व के बारे में बताया भी है। 

 

 आज के लिए इतना ही  इसी के साथ नमस्कार फिर मिलते हैं
सुरेन्द्र सिंह भाम्बू   मालीगांव  

Surendra Singh Bhamboo  Maligaon 

मालीगांव

 

 


 आपके पढ़ने लायक यहां भी है। 


राखी के पावन पर्व रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाये।

खेजड़ी वृक्ष की महिमा जो आज खतरे में है....

राजस्थान का गौरव कल्प वृक्ष कहा जाने वाला वृक्ष खेजड़ी (जांटी) है खतरे में ??

शेखावाटी का प्रसिद्ध रसदार खाद्य फल,पील

हीरा तो चमके बाळू रेत म।

 31 दिसम्बर लाईन का खात्मा सबके जहन में घुमती रही मोदी की आत्मा

लक्ष्य

 

Thursday, August 3, 2017

पेड़ लगाए जीवन सफल बनायें

पेड़ लगाए जीवन सफल बनायें
बारिश का मौसम चल रहा है । पेड़ पौधे लगाने के लिए ये मौसम सबसे उपयुक्त माना गया है। जो पेड़ पौधे हमे जीवन देते है खाने पीने के लिए कुछ न कुछ देते है हमे उन्हें लगाना चाहये। हर इंसान को इस सीजन में कम से कम 5 पेड़ पौधे लो लगाने चाहऐ। कहा जाता है अगर जिन्दजी में एक पेड़ लगा दिया मानो जीवन सफल हो गया।
इसी कड़ी में मैं भी कैसे पीछे रहता हर साल 5-7 पेड़ पौधे लगता रहता हूं और इस साल भी कल जानू नर्सरी भामरवासी मोहनपुरा(जिसके पौधे विश्वशनीय होते है) से जाकर 8 पौधे लाया और उन्हें घर के आंगन में लगा दिया है पिछली साल मैंने अनार,अमरूद,निम्बू,करौंदा ,अशोक वृक्ष के पौधे लगाए थे। जो अनार ओर अमरूद तो अबकी बार फल दे रहे है
ओर आज सेव,चीकू,निम्बू,गुलाब अंग्रेजी व देशी ओर विदेशी बेर,विदेशी निम्बू ओर सबसे प्रसिद्ध बिल पत्र का पेड़ भी लगाया है। सोमवार वो भी सावन का ओर बिल का लगाना बहुत ही शुभ बताया जाता है। तो दोस्तो मेने तो लगा लिए अब आप भी इस सीज़न में कम से कम 5 पौधे लगाए और पुण्य कमाए।



नोट:- घर मे अगर पेड़ पौधे लगाए तो वास्तुशास्त्री की सलाह लेकर लगाए कोनसा पौधा किस दिशा में लगाना चाहये जिससे सकारात्मक ऊर्जा परिवार को मिलती रहे गलत जगह लगाने से नकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सकता है जी घर की खुशहाली के लिए नुकसानदायक हो सकता है। सबसे बड़ा वास्तुशास्त्री आप सबके पास है आपका गूगल बाबा आप वहाँ से सलाह ले सकते है।


पेड़ लगाए जीवन बचाइए
ओर लगाने के बाद उनकी देखभाल और रखरखाव जरूर  करे।



















आपके पढ़ने लायक यहां भी है। 


खेजड़ी वृक्ष की महिमा जो आज खतरे में है....

राजस्थान का गौरव कल्प वृक्ष कहा जाने वाला वृक्ष खेजड़ी (जांटी) है खतरे में ??

शेखावाटी का प्रसिद्ध रसदार खाद्य फल,पील

हीरा तो चमके बाळू रेत म।

 31 दिसम्बर लाईन का खात्मा सबके जहन में घुमती रही मोदी की आत्मा

लक्ष्य

अन्य महत्वपूर्ण लिंक

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...