सूचना

यह वेब पेज इन्टरनेट एक्सप्लोरर 6 में ठीक से दिखाई नहीं देता है तो इसे मोजिला फायर फॉक्स 3 या IE 7 या उससे ऊपर का वर्जन काम में लेवें
Showing posts with label मालीगांव. Show all posts
Showing posts with label मालीगांव. Show all posts

Sunday, January 15, 2023

मालीगांव आज जमी बर्फ़ सर्दी ने दिखाया अपना रंग

मालीगांव आज सर्दी भयंकर आज जमी बर्फ़ सर्दी ने दिखाया अपना तीखा रंग
नमस्कार पाठकों काफी दिनों बाद रूबरू होने का।मौका मिला है सबसे पहले 2023 नव वर्ष की आप सभी को परिवार सहित हार्दिक बधाई शुभकामनाएं फिर मकरसंक्रांति पर्व की भी हार्दिक शुभकामनाएं
आज सुबह उठे तो देखा पूरा बाहर पड़ा समान सफेद दिखाई दिया ये सफेदी और कुछ नही प्रकृति द्वारा बरसी बर्फ़ थी जो बाहर पड़े समान पर जमकर उसे सफेद बना रही थी इस बर्फ़ से छोटे कोमल पेड़ पौधों को पहुँचा नुकसान ।
सर्दी से मुरझाए पौधे
सर्दी में जमी बर्फ सरसो पे जमी बर्फ
आज के लिए इतना ही मिलते ह कोई नई खबर के साथ तब तक देखते रहिएगा आपका अपना ये ब्लॉग मालीगांव 


Thursday, November 4, 2021

दीपावली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

 सभी देशवासियो,पाठकों को दीपावली 2021 की हार्दिक शुभकामनाएं

 दीपावली पर बगड़ में सुसज्जित बाजार और इस साल की दीपावली पर दुकानदारों का रिव्यू

सुख समृद्धि तथा एश्वर्य का प्रतीक पावन "दीपोत्सव" आपके लिए सपरिवार मंगलमय हो!
इस पर्व के शुभ अवसर पर आपको ढेर सारी शुभकामनाएं एवं उज्ज्वल भविष्य का कामना। 
आप व आपके परिवार के लिए यह पर्व हर्ष,उल्लास, खुशी ,उमंग के 
साथ  आए तथा प्रसन्नता अविराम आपके जीवन में 
सौदर्य मण्डित करती रहे। 
आने वाले वर्ष में आपकी और आपके अपनों की कीर्ति चहुं ओर फैले! 
आप जीवन में ऊँचाईयों को प्राप्त करें।
आपका जीवन सदैव उन्नति की और अग्रसर रहे
 इन्ही मंगल कामनाओं के साथ










" दीपावली मुबारक"
" दीपावली की हार्दिक बधाईयां "
" HAPPY DEEPAWALI "














क्रिकेट व आधुनिकरण ने ली आंचलिक (ग्रामीण ) खेलों की जान

पीपल के पेड़ से पद्मश्री पुरस्कार तक प्रकृति प्रेमी हिमताराम जी भाम्बू, हमारे भाम्बू परिवार व देश के गर्व

 

 6 फ़ीट ऊंचा पालक का पौधा मालीगांव



फाल्गुन मास,होली और धमाल,मोज़ मस्ती कहाँ गए वो दिन?सब कुछ बदल गया

 

भाम्बू गौत्र का इतिहास


मेरे बारे में ..



Tuesday, October 12, 2021

क्रिकेट व आधुनिकरण ने ली आंचलिक (ग्रामीण ) खेलों की जान

    सोच कर बहुत दुःखी होना पड़ता है कि हमारे देखते ही देखते हमारे आंचलिक (ग्रामीण) खेल जिनका विवरण नीचे किया जा रहा है लगभग लुप्त हो गये हैं। आजकल आप अपने बच्चों को स्कूली समय के बाद (छुट्टी )के समय में देखते है तो वह या तो कमरे के कोने में बैठा टी.वी पर क्रिकेट का भूल भुलैया गेम देख रहा होगा या कोई  बेतुकी नई फिल्म देख रहा होगा या कान से चलभाष संयत्र (मोबाइल) लगाकर बात कर रहा होगा। तथा कभी कभार देखेंगे की वह अपने दोस्तों के साथ तीन डण्डे लेकर और एक बैट लेकर मोहल्ले,गली या रोड़ के पास आज का प्रसिद्घ भूल भुलैया मैच क्रिकेट खेल रहा होगा। अगर उन बच्चों से हमारे ग्रामीण खेलों के नाम जैसे सतन तलाई,रसड़ी सितोलिया(पिट्टू), हड़दड़ा,राउण्डर बैट,गिल्ली डण्डा,(मोई डंका)रस्सा कस्सी,चौसर,चर -भर, आर तिला,आदि के बारे पूछा जाये तो उन्हें अचम्बा होगा की ये किस चिज के नाम है। क्योंकि उन्हें इनके बारे में मालूम ही नहीं है। और ये ऐसा हुआ ज्यादा समय नहीं बिता हमारे देखते ही देखते ये खेल लुप्त हो गये इसका जिम्मेदार कौन है ?  टी.वी, आधुनीकरण,या हम स्वयं ?
ये आप बुद्धि जीवी लोग ही बता सकते है। मुझे ये अपनी संस्कृति को ह्रास होता दिखाई दे रहा है
      ज्यादा से ज्यादा 20 वर्ष पहले ये खेल गांवों, की शान हुआ करते थे और गांव के लोगो के मनोरंजन के साधन हुआ करते थे। मुझे ज्यादा तो याद नहीं लेकिन जिन खेलों को मैने गांव के दोस्तों के साथ खेला है और उन्हें खेलते हुए देखा है उनके बारे में मैं आपको उनके नाम सहित जितना मैं जानता हूं बताउगा। और इस ब्लॉग पर लिखना चाहूंगा ताकि आगे आनेवाली पिढ़ीयों के लिए ये नाम मात्र ही जीवित रह सके नहीं तो लोग खेलों के साथ उनके नाम भी भूल जायेंगे।
    ब मैं स्कूल में पढ़ता था जब स्कूल की छुट्टी के बाद सभी लड़के गांव के चौक में या गांव के बाहर बड़े चौक में इक्कठे हो जाते थे और इन खेलों को खेलते थे बहुत आनन्द आता था। शायद आपने भी ये खेल खेले होंगे।अगर खेले है तो आपको इनके आनन्द के बारे में ज्यादा बताने की जरूरत ही नहीं है। दीपावली की छुट्टियों में गायें भैसे व अन्य पशु (रोही) खेतों में चराने जाते थे और  इन खेलों के साथ दिन भर मौज मस्ती किया करते थे। समय कब बीत जाता था पता ही नहीं चलता था। ऐसे ही होली से 1 माह पूर्व ही ‘‘अर तिला’’ ‘‘छुपम छपाई’’ खेल जिसको  दो टोलिया बनाकर रात को हम बहुत ही शोख के साथ खेलते थे खेलते खेलते कब सुबह के 3-4 बज जाते थे पता ही नहीं चलता था कभी कभी तो अपने गांव की सीमा से कई दूर दूसरे गांव की सीमा में भी छुपने चले जाया करते थे कितना आनन्द आता था ? यह तो जिसने खेला हो वो ही जानता है।
दोस्तों आज जब वो बाते याद आती है तो एक बार तो रोने को दिल करता है अपने यहां की हालात और बेबसी देखकर  मन बहुत ही दुःखी हो जाता है। और फिर वही सवाल उठ खड़ा हो जाता है इन सब का जिम्मेदार कौन है?
      लि खने को तो मैं ऐसे बहुत सी बाते लिख कर चाहे एक किताब पुरी कर सकता हूं  वे कितने सुनहरे पल थे  उनके बारे में एक किताब लिखू तो भी कम है।
होलियों के दिनों में लड़कियां रात भर गीत गाती थी और लड़के खेलते रहते थे।
      काश  मैं उस समय खेले जाने वाले खेलों के फोटो आपको दिखाता लेकिन क्या करू मेरे पास उस समय कैमरा नहीं था और किसे पता थ कि ये खेल आगे चलकर लुप्त ही हो जायेगें अगर किसी भी गांव या कही भी मुझे ये खेल अब भी खेलते हुए मिले तो मैं आपको उनके फोटो  फिर कभी जरूर दिखाउगां। अब मैं कुछ खेल जो प्रायः सभी गांवों में खेले जाते थे उनका नाम लिख रहा हूं अगर उन खेलों का नाम आपकी नजरों में कोई दुसरा हो या आपके पास भी कोई ऐसे खेलों  के नाम हों तो टिप्पणी में जरूर लिखियेगा।
1.    सतन तलाई    
2.    रसड़ी      ‘‘रस रसड़ी का खेल बड़ा सळिया लागें जूते बगावे दलिया’’   

3.    सितोलिया (पिट्ठू)   
4.    हडदड़ा (टोरा गिण्डी)
5.    मार धड़ी       
6.    राउण्डर बैट       
7.    गुल्ली डण्डा/ गिल्ली डंडा  /मोई डंका 
8.    कुराक डंका       
9.    गुथा गिण्डी
10.    रस्सा कस्सी
11.    टिग्गा,टीटा, गिटा,गिट्टा 
12.    घुण घुण मिंगणा
13.    अगदड़ बगदड़
14    चौसर (
चौपड़)
15.    चर भर
16.    आर तिला (छुपम छुपाई)
17.    कबड्डी
18.    घोड़ा कबड्डी
19    चंगा,चावर
20   टिप टॉप
21   डाकन डब्बा , तत्ती
22   लँगड़ी टाँग
23   सांप सीढ़ी
24   अगड्ड भगदड़ (आज का लूडो)
25    कंचा,गोली,अंटा
26   चोर सिपाई
27   चिड़िया उड़
28    मोसम्बा भई मोसम्बा
29    चर -भर
30    आँख मिचोली
  
अपडेट 2021
कुछ खेलो के फोटो मिले हैं जो आपके सामने पेश हैं


डाकन डब्बा , तत्ती

टिप टॉप




 टिग्गा,टीटा, गिट्टा 

गुल्ली डण्डा/ गिल्ली डंडा  /मोई डंका 

चोर सिपाई

आँख मिचोली

कंचा,गोली,अंटा

सांप सीढ़ी

 सितोलिया (पिट्ठू)

चिड़िया उड़

मोसम्बा भई मोसम्बा




न खेलों के नाम मैने मेरे भांजे साहिल मान व पारस मान को साथ बिठाकर उन्हें बताते हुए लिखें है। ताकि वो तो याद रख सके।
 मुझे तो ये ही नाम याद है अगर आपके पास हो तो जरूर लिखना और हो सके तो इन खेलों को दुबारा जिवन्त करने की कोशिश करना ताकि हमारी संस्कृति या हमारा आंचलिक अस्तित्व बना रह सके। और हमारें बच्चे भी गर्व से इन खेलों के बारे में अपने बच्चों या अगली पिढ़ी को बता सके कि ये हमारें ग्रामीण खेल है।
नहीं तो आने वाले समय में बच्चे कमरे के कोने में ही सिमट कर रह जायेंगे। या फिर क्रिकेट जैसा भूल भूलैया खेल इनके दिमाग .....

ये है पहला डिजिटल गेम वीडियो गेम



इसके बाद लुप्त होते गए आंचलिक खेल




पीपल के पेड़ से पद्मश्री पुरस्कार तक प्रकृति प्रेमी हिमताराम जी भाम्बू, हमारे भाम्बू परिवार व देश के गर्व

 

 6 फ़ीट ऊंचा पालक का पौधा मालीगांव



फाल्गुन मास,होली और धमाल,मोज़ मस्ती कहाँ गए वो दिन?सब कुछ बदल गया

 

भाम्बू गौत्र का इतिहास


मेरे बारे में ..


Wednesday, February 24, 2021

6 फ़ीट ऊंचा पालक का पौधा मालीगांव

नमस्कार दोस्तों 
काफी दिनों बाद ब्लॉग पर आना हुवा  अन्य सोशल मीडिया फेसबुक,व्हाट्सएप ,इंस्टाग्राम,ट्वीटर वगेरह ने ब्लॉग्स की महत्ता को बहुत हद तक कम कर दिया है  लोगों का ध्यान उनकी तरफ ही ज्यादा रहता है पर फिर भी ब्लॉग का महत्त्व तो ब्लॉग का ही रहता है इसलिए जब भी कुछ अजीब गज़ब ,विचित्र चीज या बात दिखाई देती है तो ब्लॉग पर आकर लिखने को मन बख़ूबी कर ही जाता है आज घर की बड़ी (क्यारी) की तरफ घूम था था  अचानक नजर पड़ी क्यारियों में उगे पालक पर जो बहुत लंबा हो चुका है मैंने उसकी लम्बाई नापी 6 फ़ीट 3 इंच  गजब लंबाई वो भी ऑर्गेनिक पालक बिना दवाई शुद्ध देशी के सहारे बढ़ा है ओर अब इस पर बीज आने लगे है तो सोचा ये आपके साथ शेयर करने लायक चीज है तो शेयर  कर रहा हु अच्छा लगे तो कॉमेंट करके जरूर बताना
फिर मिलते है नही खोज खबर के साथ तब तक के लिए नमस्कार राम राम जय जवान जय किसान

Saturday, August 15, 2020

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

74 वें स्वतंत्रता दिवस पर आपको और आपके परिवार को हार्दिक  शुभकामनाएं देते हुए आपके सम्पूर्ण परिवार के उत्तम  स्वास्थ्य की कामना करता हू |
जय हिंद जय भारत जय जवान जय किसान

Monday, August 3, 2020

रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

सभी देशवासियों, क्षेत्रवासियों,दोस्तो को स परिवार भाई बहन के अटूट प्यार के पावन पर्व रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं 
 बड़ी बहन सुमित्रा,छोटी बहन सुमन द्वारा रक्षा का सूत्र बांधकर मनाया गया पर्व भांजी मुस्कान,कोमल द्वारा बेटे लक्ष्य पीयूष, भांजे शाहिल ,भतीजे मोहित,बड़े भाई सत्यवीर ओर मुझे  रक्षा सूत्र बांधकर निभाई गई रश्म पूरे परिवार का साथ आज का त्यौहार बड़ी खुशियों से मनाया गया
सुरेन्द्र सिंह भाम्बू
जिला सचिव झुन्झुनू
भारतीय किसान जन शक्ति यूनियन,राजस्थान,भारत
9829277798
श्री नेशनल कंप्यूटर आर्ट एंड डिजिटल स्टूडियो बगड़

Sunday, June 21, 2020

इस सदी का सबसे बड़ा सूर्यग्रहण लाइव मालीगांव

ईस सदी का सबसे बड़ा सूर्यग्रहण लाइव मालीगांव
10:20से शुरू हो चुके इस सदी के सबसे बड़े खंडग्रास सूर्य ग्रहण के दर्शन लाइव मेरे कैमरे की फोटो और वीडियो द्वारा
वीडियो लिंक https://youtu.be/khwphSZHuxg
11: 58 पर बनी सूर्य की सबसे पतली रिंग आकृति 12:2 सम्पूर्ण ग्रहण होने के बाद फिर 12:5से पुर्वत होती सूर्य की दशाएं नीचे की फ़ोटोज में पूरे सूर्य ग्रहण का वीडियो लिंक

अन्य महत्वपूर्ण लिंक

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...