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Wednesday, October 16, 2013

जिले का सबसे बड़ा 51 फिट के रावण का दहन व आकर्षक आतिश बाजी,बगड़

झुन्झुनूं जिले के सबसे बड़े 51 फिट के रावण का दहन बगड़ में तिराहा बस स्टेण्ड, बगड़ के नजदीक बी.एल. ग्राउण्ड में  दुर्गा मूर्ति विसर्जन के बाद सांय 7 बजे श्री  नव दुर्गा मण्डल कमेटी, फतेह सागर तालाब बगड़ द्वारा  करवाया गया और मन को लुभाने वाली व आकर्षक आतिश बाजी व पटाखे बाजी का प्रदर्शन करवाया गया। 
जिसका भी मैंने लाईव प्रस्तुतिकरण केबल पर किया । 
 रावन की 51 फिट का पुतला श्री श्याम मन्दिर के सामने बी.एल. ग्राउण्ड में  खड़ी की गई 51 फिट का ये विशाल  रावण का पुतला दर्शकों के कोतुहल का विषय बन गई 
इस  खड़ा करने में काफी मसकत की गई तब जाकर ये खड़ी हो पाई और इसे लोहे के तारों द्वारा रोक कर खड़ा किया गया ।  मैं  आपको ये बता  दूं  इस  पूरी पटाखों से लेस रावण के पुतले का निर्माण अनवर हुसैन  जयपुर द्वारा किया गया
जिसे देखने काफी संख्या में लोग एकत्रित हुए। लोगों को 7 बजने का इंतजार था
और 7 बजते ही शुरू हुआ आकर्षक आतिश बाजी का दृश्य जो वहां उपस्थित हजारों  लोगों का मन मोह रही थी।
आतिश बाजी से आसमान रंग-बिरंग दिखाई दे रहा  था।

ये आतिशबाजी के करतब भी अनवर हुसेन द्वारा ही दिखाये गये। उन्होने ये पटाखे अपनी कला द्वारा खुद बनाये थे। उनकी सबसे प्रशंसा योग्य कला उनकी घुम चक्करी रहीं


उनकी घुमचक्री से बिखरी छटाएं ऐसे लग रही थी मानों कोई लाईटेड छोपड़ा हो या कोई वृक्ष लाईटेड कर दिया गया हो
पुरा आसमान पटाखों की आवाज व दहक से गुज रहा था
चारों तरफ वहां उपस्थित लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट  भी गुंज रही थी सभी लोग  आतिशबाजी के करतब देखकर आश्चर्य चकित थे।

उनके द्वारा बनाये फ्वारें भी आकर्ष के केन्द्र बने हुए थे।
ये कार्यक्रम लगभग आधे घंटे तक चला  सभी लोग मंत्र मुग्ध होकर उनकी कला देख रहें थे।

और तालियां बजा बजा कर कलाकार का उत्साह वर्द्धन कर रहे थे।
उनकी कला वास्तव में ही प्रशंसा योग्य थी।

और फिर अन्त में रावण दहन की बारी आई जिसको आग लगाकर दहन किया गया ।
 आग लगाते ही रावण की बॉडी  में लगे पटाखें व राकेटों से पुरा वातावरण गुज उठा और श्री रामचन्द्र जी महाराज की जय के जयकारें चारों तरफ गुज उठे
और कुछ ही पल में बुराई का प्रतीक रावण धू धू कर जल उठा और बुराई रूपी रावण का  अंत हो गया

और चारों तरफ  अच्छाई व सच्चाई व श्रीरामजी की जय जयकार हो रही थी। 
पलभर में ये पुतला जलकर राख हो गया और लोग अपने अपने घर को लोटने लगें 
इस प्रकार से हजारों लोगों ने इस आकर्षक आतिशबाजी व रावण दहन का आनन्द उठाया तो मै आपको इससे पीछे कैसे रहने दे सकता था  इसलिए मैंने आपके साथ शेयर कर दिया मुझे तो ये बहुत ही अच्छा लगा और आपको कैसा लगा 
अगर  समय मिला तों मै आपको उस आतिशबाजी व रावण दहन का विडियों भी दिखाउगा  इसी वादे के साथ इजाज़त.....



आपके पढ़ने लायक यहां भी है।

नवरात्रा पूजा प्रारम्भ, आओ मां के द्वारे चलें..

 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुति और शिविर का समापन

गायत्री परिवार की युग सैनिक निर्माण चेतना महारैली,बगड़

 5 दिवसीय शिविर व 24 कुण्डीय गायत्री महा यज्ञ का शुभारम्भ

ले ल्यो पट्टी बरतो पढ़णों जरूर है,लक्ष्य का स्कूल

 

लक्ष्य




Wednesday, October 12, 2011

जहां आज भी लोग समय निकालकर आते हैं, प्रसिद्ध रामलीला, बगड़

आप सभी को दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएं
बगड़ की प्रसिद्ध रामलीला के कुछ दृश्य

 दशहरे का अवसर पर आपको हर जगह गांव- गांव ढ़ाणी- ढ़ाणी में आपको इन दिनों रामलीला का मंचन होता नजर आ जायेगा।तों मैं भी आपको हमारे नजदीक की रामलीलाओं के अभीनय से अवगत करा रहा हूं , बगड़ की  रामलीला  श्री श्याम मण्डल प्रबंध समिति द्वारा चलायी जाती है। 
  यह रामलीला कितनी प्रसिद्ध रही हैं इसके बारे में मैं अपनी पहले की पोस्ट में बता चुका हूं

प्रसिद्ध हैं बगड़ की रामलीला



और इस के अभिनय का विडियों भी मैं पिछे की पोस्ट में दिखा चुका हूं (बगड़ की रामलीला चलचित्र
विभिषण का रोल अदा कर रहे हमारे मित्र  रोताश जी सैनी आंचल स्टूडियों

तथा श्री राम को रोल अदा कर रहे अशोक जी
आज भी  इस रामलीला का अभिनय वास्तव में दर्शको को  3 घंटे तक बैठने के लिए विवश किये रखता हैं ,पुरा रामलीला मैदान  दर्शकों से खचाखच भरा रहता हैं
जब मैं वहा पहुचा तो दृश्य चल रहा था 
"रावण द्वारा प्रताडित होकर विभिषण का रामादल में आना और श्रीराम जी द्वारा उन्हें गले लगाकर आराम से बैठाना तथा सब कुशलता के समाचार जानना और प्रेम भाव से उसे रामादल में शामील करना
और उधर रावण द्वारा मनोरजन के लिए नाच गान का प्रोग्रम करवाना"
रावण का  रोल अदा कर रहें शिवभगवान शर्मा जी





रावण  का बोलने का अलग ही अंदाज जो दातों तले अंगुली दबाने पर मजबुर कर देता हैं






ध्यान मग्न होकर रामलीला  देखते दर्शक



सभी दर्शक प्रेम भाव से ध्यान मग्न होकर रामलीला देख रहें थे









अगली पोस्ट में बगड़ के निकट रेखा वाली ढ़ाणी में चल रही रामलीला के कुछ दृश्य लेकर फिर हाजीर होता हूं तब तक के लिए इजाजत ......


आपके पढ़ने लायक यहां भी है।

प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी, बगड़

 गणेश महोत्सव विसर्जन झांकी के मन मोहक दृश्य पीरामल गेट ,बगड़

 एक शाम गणपति बप्पा के नाम पीरामल गेट बगड़

  जहां आकर मन को शान्ति मिले ,दुर्गाष्टमी पर बगड़ में सजा मां दुर्गे का दरबार

 

Monday, October 18, 2010

प्रसिद्ध हैं बगड़ की रामलीला, इसे देखकर क्या कहें?

आप सभी को दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएं
बगड़ की प्रसिद्ध रामलीला के कुछ दृश्य
 दशहरे का अवसर हैं आपको हर जगह गांव- गांव ढ़ाणी- ढ़ाणी में आपको इन दिनों रामलीला का मंचन होता नजर आ जायेगा।
तों मैं भी आपको हमारे नजदीक की रामलीलाओं के अभीनय से अवगत करा रहा हूं सबसे पहले बगड़ की रामलीला यहां -

हर जगह की भांति सबसे पहले प्रभु की आरती जैसा कि फोटों मे दर्शाया गया है। करके फिर आगें का कार्यक्रम शुरू किया जाता है।जब मैं गया तो यहां काफी भिड़ जमा हो चुकी थी और विभीषण द्वारा रावण को समझाना और रावण द्वारा विभीषण को लात मारकर लंका से


निकालना तथा उसका राम के पास आने का अभिनय चल रहा था मंच बहुत ही सुन्दर और मन मोहक लग रहा देखकर ऐसा लग रहा था जेसे यहाँ बैठे लंका नगरी पहुच गये हों  ये


रामलीला  श्री श्याम मण्डल प्रबंध समिति द्वारा चलायी जाती है। 
मैं आपको बता दूं कि बगड़ नगर की रामलीला आज से 15 - 20 वर्ष पहले

इतनी प्रसिद्ध थी की आते थे आस पास के अनेकों गावों के लोग रात को अपने अपने साधन लेकर झुण्ड के झुण्ड बनाकर देखने के लिए । इतनी भीड़ जमा हो जाती थी कि  बैठने के 

लिए जगह कम पड़ जाती थी ।तब हम तो सिर्फ अपने बड़ों से ही सुनते थे बच्चे थे इतनी दूर आ नहीं सकते थे  जब वास्तव में देखा तो पता चला पहले वास्तव में सच्चे अभिनय युक्त (अचंभित करने वाली)रामलीला

होती थी वही रामलीला आज मैने कई वर्ष पश्चात आज फिर देखी लेकिन वैसा आनन्द नहीं आया अब बगड़ की रामलीला में वो बात नहीं रही करण क्या हैं ये तो प्रभू ही जाने बाकि मेरे मतानुसार  मण्डल में
राजनीतिकरण और लोगों की ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों के प्रति घटती रूचि तथा कुछ हद तक पुराने पात्रों का बदलाव है।  अब सिर्फ बगड़ के ही लोग इसे देखने को आते है।मुझे यहां बच्चों और महिलाओं की संख्या ही ज्यादा नजर आई।और यहा हर रोज इन 10 -15 दिनों में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता करवाई जाती है। अब यहां इस मण्डल द्वारा अभिनय की बजाय और व्यवस्था करवाने की बजाय चन्दा वगेरह और पेसे इकट्ठे करने में रूचि ज्यादा दिखाई दे रही थी  यहां अभिनय कम और 
दान दाताओं के नाम जल्दी जल्दी बोले जा रहें थे उसके लिए चाहे अभिनय को रोकना ही क्यों न पड़े मुझे तो यहाँ एक तो लाइट की व्यवस्था का  अभाव दिखाई दिया  और आवाज भी पिछे तक कुछ स्पष्ट सुनाई नहीं दे रही थी। जबकि इस मण्डल के पास जैसी जानकारी मिली हे। पैसे बहुत है। हालांकि अब भी यहाँ बगड़ के काफी बच्चो और औरतों  और नवयुवकों की भीड देखने को मिल जायेगी परन्तु ये सिर्फ बच्चों का मनोरंजन और टाइम पास ही लग रहा था  कोई ज्ञान प्राप्ति नहीं ।अब आये दिन यहाँ कुछ न कुछ छुट पुट बदमासियां होन लगी है। हो सकता हैं ये कारण भी भिड न होने का एक कारण हो, मण्डल को इसे रोकने की तरफ भी ध्यान देना चाहिए।इसे ज्यादा अच्दी मुझे पास के एक छोटें गांव ढ़ाणी रेखवाली में अभिमंचित रामलीला लगी वहां भीड भी काफी थी और बगड़ के भी कुछ लोग इसे छोड़कर वहां देखने को गये हुए थे वहां के पात्रों की धीर गम्भीरता भी अच्छी लग रही थी
परन्तु एक बात जरूर हैं कि इतनी भीड़ को देखकर ऐसा लग रहा थ कि कुछ तो हैं अपने धार्मिक कार्यक्रमों में  
मेरा उदेश्य किसी आदमी या किसी समिति या मण्डल विशेष की बुराई करना नहीं अपितु मुझे जो कमिया नजर आई उनके प्रति मेरा यह सुझाव हैं जो मैने प्रस्तुत कर दिया मुझे लगा कि कुछ सुधार की अवश्यकता हैं ताकि यह रामलीला पहले जैसी प्रसिद्ध रामलीला ही बनी रहें और दुबारा वही प्रसिद्धि का आसमान छुये
बाकि आज भी रामलीला का मंचन होता देख द्वापर युग की याद और  लोगो के मन में  हमारे धर्म के प्रति आस्था पैदा हो जाती है।
बगड़ की रामलीला मंच के कलाकार
यहाँ पुराने पात्रों में रावण बने श्री शिवभगवान जी ही रह गये है।
अब मैं यहाँ के पात्रों से आपको अवगत करवाता हूं।
राम का रोल  अदा कर रहें  है। श्री अशोक जी शर्मा
लक्ष्मण श्री सुशील जी
रावण बने श्री शिवभगवान जी
विभिषण के रोल में थे हमारे मित्र श्री रौहितश जी सैनी (आंचल स्डूडियों)
श्री कुन्दन जी और श्री बलबीर नट  मनोरंजक रोल अदा करते है।



बगड़ के नजदीक ही रेखावाली ढ़ाणी की रामलीला वास्तव में देखने में लग रही थी राम की लीला
जो वास्तव में टक्कर दे रही बगड़ की राम लीला को और प्रसिद्धि का आसमान छू रही है।


ये रामलील का दृश्य हैं बगड़ के नजदीक के एक छोटे से गांव रेखावाली ढ्राणी का रेखावली ढ्राणी में रामलीला का मंचन लोग मंत्र मुग्ध होकर देख रहें थे और वहां नीम का थाना से एक कलाकार को नृत्य के लिए बुलाया गया था तथा अभिनय बहुत ही सुन्दर था ।
हा. हा. हा. हा. रावण के ठहाके गुंज रहें थे हा. हा. हा. हा.नाचने वाली प्रबंध किया जाये  ये लंकेश का आदेश ऐसा ही कुद देखने को मिला वहां।
इस नृत्य कलाकारा ने सबका मन मोंह  रखा था 

आप सब को विदित है। यह पर्व दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। और अधर्म पर धर्म की विजय 
तो हमेशा धर्म का साथ देना चाहिए और सच्चाई का साथ देना चाहिए


यहाँ के पात्र थे जिन्हें मैं जानता हूं उनके नाम आपाके बता रहा हूं।
गुलझारी लाल कटारिया  कुंभकर्ण के रोल को अदा करता है।
बलबीर सैनी  हनुमान जी
सुनील  जो राम का रोल अदा कर रहें थे 

लक्ष्मण का रोल शक्ति सिंह सैनी अदा कर रहें थे
विनोद जो रावण बने हुये है। 

सत्यनाराण कटारिया  मजाकिया मनोरंजक रोल अदा कर रहें थे आदि
 दोनों ही जगह की रामलीला मंचन का विडियो अगली पोस्ट में अगली पोस्ट के विडियों में आपको रूबरू करवाये गें लगातार 30-32 वर्ष से  रावण बनते आ रहें श्री शिवभगवान जी शर्मा के अभिनय से जो  रामायण सीरियल में रावण बने श्रीमान अरविन्द त्रिवेदी  जी से अदाकारी में कही कम नहीं नजर आ रहे है। 
तो देखना मत भुलना अगली पोस्ट 
आपके पढ़ने लायक यहां भी है।

दिन दिन गिरता जा रहा शिक्षा का स्तर

जय मां नवदुर्गा सारा जग तेरे सहारे,तुझे मां मां प...

साया :- जय मां पहाड़ा वाली जय मां शेरा वाली कर दे कोई चमत्कार,सारा जग माने तेरा उपकार

मेरी शेखावाटी - : शेखावाटी से जुड़े हुए हिन्दी ब्लोगर (परिचय )

साया
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