सूचना

यह वेब पेज इन्टरनेट एक्सप्लोरर 6 में ठीक से दिखाई नहीं देता है तो इसे मोजिला फायर फॉक्स 3 या IE 7 या उससे ऊपर का वर्जन काम में लेवें

Tuesday, July 21, 2009

गाँव की भोगोलिक सरंचना


मेरा गाँव एक टिल्ले पर बसा हुआ है । पुरे गाँव का बरसात का पानी गाँव की दक्षिन दिशा की तरफ निकलता है । मेरे गाँव की जलवायु सामान्य हैं यहा की मिटटी उपजाऊ है । गाँव की एक तरफ मिटटी के बड़े बड़े टिल्ले हैं । खेतो के ज्यादा तर बुवाई ऊँटों से होती है तथा ट्रेक्टरो से भी खेती होती है\ मेरा गाँव सड़क मार्ग से बगड़ और अन्य गाँवो से जुडा हुआ है । गाँव में यातायात के साधन बस, जीप और टेंपो हैं गाँव के बिच में एक बड़ा चोक हैं जहा गाँव के चोपाल लगती है । लगभग खेती बरसात के पानी पर ही निर्भर है कुछ लोगों के पास सिचाई के कुए भी हैं । यहाँ रवि और खरीफ दोनों फसल बोई जाती हैं । रवि की फसल में बाजरा ,गंवार मुंग ,मोठ आदि बोए जाते हैं । तथा खरीफ की फसल में गेहूं ,चना,सरसों, जो, मेथी ,प्याज आदि बोए जाते हैं ।

अन्य महत्वपूर्ण लिंक

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...