साथ ही आज बाल दिवस यानि चाचा नेहरू जयन्ती हैं उसकी भी बधाईयां।
पुरे शहर बगड़ में दीपावली बडै ही धूम धाम व उल्लास के साथ मनाई गई, बाजार में भी भारी भीड़ रही, दिनभर खरीदारी चलती रही ।शाम का बगड़ बाजार का नजारा देखने लायक था , ऐसा मानिये पुरा बगड़ शहर लाईटो से जगमगा रहा था और जगमगाये भी कैसे नहीं दिवाली रोशनी का त्योहार जो ठहरा,जिसके कुछ नजारे आपके सामने पेश है। ये नजारे बगड के पीरामल गेट साईड की दुकानों और घरों की सजावट के हैं।
ये लाइटों से जगमगाती हुई दुकाने स्वर्णिम आभा लिये बहुत ही सुन्दर लग रही थी।
ये नजारा हमारी दुकानों की सजावट और जगमगाहट का है। जिसकी सजावट उमेश फ्लॉवर डेकोरेटर्स द्वारा की गई
जो हमारे ही सह दुकानदार है। जिसके बारे में मैं आपको अपनी पिछली पोस्ट में बता चुका हूं।
बाजार की दुकानो पर दिनभर खरीदारी की करने वालों का तांता लगा सबसे ज्यादा भीड़ मिठाई वालों और फल, गन्ना विक्रताओं और पटाका विक्रेताओ की दुकानो पर देखने को मिली
अपनी दादी मां के साथ मिलकर दिवाली पूजन के तैयारी करते मेरे दोस्त शंकर के बच्चे
बगड़ के एक मौहल्ले जाटाबस में बनी मेरे दोस्त शंकर योगी की दुकान भी दिवाली पर सज संवर कर रूपहली दुल्हन सी लग रही थी।
बाजार में फतेह सागर तालाब के पास सजी पटाखों की दुकान और आतिशबाजी का सामान
मैने शंकर योगी के घर मनाई जा रही दीपावली के कुछ फोटो भी निकाले जिसमें उसके बच्चे गुल्लु और कालू (विनय) ने आपने हाथों से बहुत ही सुन्दर रंगोली सजाई तथा दिपावली पूजन की सारी तैयारिया अपने हाथों से की
इन बच्चो में बड़ा ही उत्साह और लगन देखने को मिली इन्हे देखकर मुझे भी मेरा बचपन याद आ गया मां के पास बैठकर दिवाली का पूजन करना, ताराझण्डिया जलाना, मौमबत्तियां जलाना और वो छोटे छोटे पटाखे चलाना....
आने वाले पर्व भैया दूज की बधाईयों के साथ अब इजाजत.....

बहुत उम्दा सार्थक पोस्ट
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