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Monday, December 13, 2010

सरसों की फसल और सर्दी परवान पर,मालीगांव

 गांव में इस समय सरसो, चना,गेहूं जौ आदि की फसल उगाई हुई है।  आज प्रातःशरीर को कंपकंपी देने वाली सर्दी थी, जब मैं उठा कमरे के दरवाजे से बाहर निकला सामने देखा पीले फूलों से लथपथ सरसों की फसल एक नवयोवना दुल्हन की भांति सजी सवरी खेत में खड़ी लहलहा रही थी खेत ऐसे लग रहा था मानो कोई राजा हरी मखमली चारद ओढ़े हुए अपने सर पर स्वर्ण जड़ित हिरों का मुकुट पहने बैठा धुप सेक रहा हो। अर्थात अगेती सरसों की फसल फूल निकालकर अपने पूर्ण योवन परवान पर है।यानी अपने फल देने के लिए तैयार है।  और अब इसे सर्दी पाळा मारने का भय किसानों को बना हुआ है।
 क्योंकि यह माह सर्दी के लिए भी परवान चढ़ने का माह ही माना जाता है। और इस वर्ष गत वर्षो की तुलना में सर्दी कुछ ज्यादा ही पड़ रही है। कही कही तो पाळा"खरखरिया" जमने लगा है।
 वही दूसरी तरफ गेहूँ कि फसल को भी अब पानी "कोरबा" देना शुरू कर दिया गया है।जहां यह सर्दी सरसों के लिए एक अभिशाप बनी हुई हैं वही अब यह सर्दी गेहूँ की फसल के लिए वरदान है। क्योंकि जितनीज्यादा सर्दी बढ़ेगी गेहूं का रंग और बढ़त उतनी ही ज्यादा होगी। इसी विरोधाभास के कारण किसान वर्ग चिन्ता ग्रस्त रहता है। हालाकि आजकल वह चालाक हो गया है। उसने भी रास्ता निकाल लिया है। पछेती (बाद की फसल) को बोकर पहले वह अगेती सरसो बो देता हैं अगर सर्दी न मारी तो वह फसल अच्छी रहेगी और अगर उसे सर्दी मार जाती हैं तो पछेती फसल सरसों बच जायेगी 

 ये पछेती "फसल"आलू की खेती भी जोरों पर है।

 पछेती "फसल"सरसों को किसान यूरिया आदि खाद डालकर जल्दी तैयार करने के फार्मूले लगाता है।वैसे फसल खेती किसान के लिए अपने बच्चो की तरह होती हैं उसे पालने के लिए वह बिना सर्दी गर्मी की परवाह किये दिन रात मेहनत करता रहता है। और अंत में मिलती है उसे या तो प्राकृतिक मार या सरकार की काला बाजारी अर्थात कम भाव
 यहाँ देखिये छोटी सरसों की खेती में खाद डालता किसान और फिर फ्वारें से सिचाई करता सर्दी से फसल को बचाने के लिएअपनी फसल को  रात की बजाय दिन में पानी लगाता हैं क्योकि रात को पानी देने से फसल को सर्दी लगने का भय ज्यादा रहता है। इसलिए फसल के लिए दिन में पानी देना ज्यादा उत्तम रहता है।
 नीचे देखिये फ्वारों द्वारा फसल कि सिचाई के दृश्य जो अति सुन्दर लग रहें है।
मैने सोचा ये सब आपके साथ शेयर कर लूं , आप ही देखिये कि फसल रूपी चादर ओढ़े खेत कैसा  सुन्दर लग रहा है।
आपके पढ़ने लायक यहां भी है।

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