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Thursday, January 12, 2017

आँगन (खेत)की दुल्हन(सरसों)को सर्दी (बर्फ)ने रोंदा

सरसों  रूपी दुल्हन के कोमलांगो को सर्दी कुचलने की तयारी में
सर्दी भरा शुभ प्रभात दोस्तों आजकल सरसों की फसल अपने पूर्ण योवन पर चल रही है। पूरा खेत फूलो की पिली चादर ओढ़े हुए है ऐसा लग रहा है जैसे कोई नव दुल्हन सज धज के खड़ी हो और उसके स्वर्ण आभूषण सूर्य की धुप में चमक रहे हो और ये नज़ारा सुबह सुबह बहुत ही सुंदर लगता है।


 परन्तु आजकल सर्दी भी अपने पूर्ण योवन चर्म पर चल रही है आज रात की सर्दी ने तो अपनी हद ही पार कर दी  इतनी तेज सर्दी थी रात को की बर्फ तक जम गई अब आप हो बतावो इस नव् कोमलांगी दुल्हन रूपी सरसों के पत्तो रूपी अंग पर जब सर्दी और बर्फ का कहर टूटेगा तो उस दुल्हन हो क्या महसूस होगा
 ये आप भी भली भाति जानते है यही हाल हुआ हमारे खेत आँगन की सरसों रूपी दुल्हन का जिसके अंगो पत्तो  पर रात से लेकर सुबह तक चिपकी रही बर्फ ।अब बेचारी अपनी गर्दन झुकाए खड़ी है करे भी तो क्या करे? इश्वर और प्रकृति की इच्छा के आगे किसकी चली है जो इसकी चलेगी।
लगातार दो दिन से पड़ रही है तेज सर्दी और उपर से मौसम विभाग ने अगले 4 दिन तक और भी तेल सर्दी पड़ने की घोषणा करदी है लगता है इस बार सरसों की फसल सर्दी की चपेट में आ ही जायेगी। 
अब देखते है कीहमारे आंगन की ये दुल्हन सर्दी सहन कर पाती है या नहीं  

बहुत ही सुन्दर आंचलिक कविता है दोस्तों आपको कैसी लगी?

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