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Tuesday, October 15, 2013

भव्य झाँकी के साथ माता की मूर्ति का विसर्जन,बगड़

 नो दिन तक चली नवरात्रां पूजा के बाद आज  13 अक्टूबर को भव्य झांकी के साथ बगड़ में स्थापित तीनों जगहों की दुर्गा माताओं की मूर्ति का विसर्जन फतेह सागर तालाब  में किया गया
(लावणी की व्यस्थता के कारण पोस्ट में देरी हुई इसके लिए क्षमा चाहुगा )
सबसे पहले झांकी खटीकान मौहल्ले में स्थापित माता जी की मूर्ति की निकाली गई और दुर्गा मन्दिर वाली झांकी दोनों झांकिया आगे पिछे चल रही थीं और बहुत ही सुन्दर ढ़ग से झांकिया सजाई गई थी।
 झांकिया ट्रेक्टर ट्रोली में सजाई गई थी जिसमें श्याम बाब की झांकी बहुत ही आकर्षक लग रही थी।

 ट्रोली पर सजी माता मूर्ति ऐसे लग रही थी मानों साक्षात् माता शेर पर सवार होकर बाजार में विचरण कर रही हो झांकियो के पीछे हजारों की सख्या में श्रृद्धालु गण उपस्थित थे।
 सभी भक्तगण माता के भजनों पर नाचते गाते व माता के जयकारे लगाते झुमते हुए आगे बढ़ रहे थे।
 झांकी दुर्गा मन्दिर व खटीकान मौहल्ले से सब्जी मंडी व मैन बाजार होते हुए बी.एल  चैक से तिराहा स्टेण्ड के निकट फतेह सागर तालाब  पर पहुँची
 जहां पर पूर्ण विधि विधान के साथ आरती करके माताओं की मूर्तियों का विसर्जन किया गया
 फतेह सागर तालाब के निकट ही  जो माता की मूर्ति की स्थापना की गई थी उनका भी वहीं फतेह सागर तालाब बगड़ पर पूरे विधान के साथ माता की आरती व जय-जयकार के साथ विसर्जन किया गया।
 यहां पर मैं लाईव विडियों प्रस्तुति दे रहा था
और लगातार यहां नो दिनों तक  हुए प्रोग्रामो की लाईव प्रस्तुति मेरे द्वारा यहां पर दी गई थी।
जिसका विड़ियो समय मिला तो मैं आपके साथ जरूर शेयर करूगां  फोटो मैन अपने पीछे की पोस्ट में शेयर कर दी थी।  आजकल लावणी का समय चल रहा है इसलिए मेरे पास समय का अभाव है। इसलिए मुझे क्षमा करना  क्योंकि मै आपको अभी वो विडियों नही दिखा पा  रहा हूं
 यहां तालाब किनारे स्थापित दुर्गा जी पर नो दिनों तक श्रृद्धालुओं की काफी भीड़ इकट्ठा होती रही और माता के दर्शनों के साथ साथ आरती व भजानों का आनन्द भी लेती रही  और जिसका लाईव भी श्री बालाजी केबल नेटवर्क बगड़ द्वारा मेरे सहयोग से चलाया गया जिसका प्रसारण बगड़, इस्लामपुर,माखर, रतन शहर,खुड़ना में किया गया लोगो ने लाईव प्रस्तुति द्वारा भी माता के दर्शन घर बैठे बैठे भी किये और इस लाईव कार्य को बहुत ही सराहना मिली
 और आज अन्तिम दिन माता को पूर्ण विधि विधान के साथ विसर्जित कर विदाई दी गई

 जिसे देखने बगड़ सहित आस पास के कई गावों के लाग भक्तजन तालाब पर आये और माता की जय जयकार के साथ विदाई या यू कहें विसर्जन किया गया।
 और हां एक बात जरूर कहूंगा फतेह सागर  तालाब का पानी बहुत ही गंदा हो चुका है, उस पर काई कुमोदनी झाई हुई है और बाकि सालों की बजाय इस साल पानी भी बहुत ही कम मात्रा में भरा हुआ हैं और इस तालाब में गन्दगी भी बहुत भरी हुई हैं जिसे नगर पालिका बगड़ की लापरवाही कहें या  तालाब ट्रस्ट  की ये तों सब भगवान भरोसे  हैं  काफी सालों से इसकी सफाई नहीं की गई हैं
 बगड़ की धरोहरों में जब ऐसी गन्दगी व रख-रखाव का अभाव देखते है तों काफी दुःख  होता हैं
ये दर्लभ  धरोहर आज बना पाना मुश्किल ही नहीं ना मुमकिन है और यहां इसकी मरम्मत तो छोडो इनका रख रखाव भी सही ढ़ग से नहीं हो पा रहा है।
 ये लो मैं कहा से कहा पहुँच बात माता के विसर्जन की थी ... पर मन तालाब की हालात देख कर दुःखी हुआ इसलिए रहा नहीं गया  ऐसा लगता है कि ये सब बगड़ में तो राम भरोसे ही लगता है।
  एक एक करके तीनों दुर्गा माताओं की मूर्ति का विजर्सन इस तालाब में जयकारों के साथ किया गया और फिर बारी आई 51 फिट के  रावन दहन की  और आकर्षक आतिश बाजी की
 रावण दहन और आकर्षक आतिश बाजी  जो फतेह सागर तालाब पर लगाई जा रही  दुर्गा मूर्ति मण्डल द्वारा करवाया गया  इसी दिन सांय 7 बजे जिसके बारे में मै। सचित्र आपको अगली  पोस्ट में बताऊगां



तब तक के लिए इजाजत .....
गन्दगी से भरा सफाई की बाट जो रहा बगड़ का फतेह सागर तालाब 


आपके पढ़ने लायक यहां भी है।

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