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Wednesday, September 29, 2010

विचित्र प्रकार के हवा में उडने वाले सांप,हरे रंग के सांप

मैंने आज जब प्रातः अपनी दुकान खोली तो मैने देखा मेरी दुकान के नजदीक ही एक जगह कुछ लोग घेरा लगाये हुए खड़े थे मुझ से भी रहा न गया में भी वहा देखने चला गया कि क्या हुआ क्या बात हुई वहां जाकर देखा तो पता चला वहां तो एक बंगाली बाबू अपनी जड़ीबुटियों से बनी दवाईयां बेच रहा था इन लोगों के पास अपनी दवाइय बेचने का तरीका बहुत ही लाजवाब होता है इनको पता है वैसे तो इनके पास लोग ठहरने वाले नहीं हैं इसलिए तो ये लोगों के अपनी  जादुई बातों में उलझाये रखते है। और दूसरे ये कुछ इस प्रकार कुछ विचित्र जीव जन्तु अपने साथ रखते जिन्हें दिखाकर ये लोगों की भीड़ इकट्ठा कर सके उस बंगाली बाबू के पास भी ऐसा ही मिला लेकिन उसके पास जो जीव थे वे वास्तव में ही अजीबोगरीब थे।


           मैने देखा तो मुझ से रहा नहीं गया मैने तुरन्त अपनी दुकान से कैमरा निकाला और उनके फोटो खिंच लिए आपके साथ शेयर करने के लिए।ये जीव थे दो प्रकार के सांप
एक हरे रंग के सांप
और दूसरा भुरे रंग का सांप 
उडने वाला सांप

वो लोगों को इन सोपों की ख़ासियत बता रहा था इनमें हरे रंग का साप बहुत ही सुन्दर लंग रहा था और इसकी खासियत भी बहुत ही अजीबो गरीब थी उसके बताये अनुसार यह सांप बंगाल,हेदराबाद,आसाम के जंगलों में पाया जाता है। और वहां के हरे घास और कटिली झाड़ियो में छुपा रहता है। और यह सांप आवश्यकतानुसार अपना रंग भी बदल सकता है। तथा बहुत ही जहरीला होता है। ये सांप बहुत ही पतला था और ये अपनी पूंछ के बल पर तीन फिट तक खड़ा हो सकता है। ये वहां हरी घास में छुपा रहता है और किसी इंसान या जानवर द्वारा दब जाने  या छेड़े जाने वर उसे काट लेता है। और काटा गया जीव या इंसान तुरन्त मर जाता है।
आपने शायद कभी हपले हरा सांप देखा हो लेकिन मैने तो ये इस प्रकार का हरा सांप पहली बार देखा था इसलिए मुझ से रहा नहीं गया मैने तुंरन्तइनके फोटो खिंच लिए ताकि मेरी तरह अगर किसी भाई ने न देखे हो उनके साथ शैयर कर दिखा सकूं।
 उसके पास पहाड़ी बिच्छू भी थे जो बहुत ही जहरीले होते है। उनके भी फोटो दिखाये गये है।

दूसरी अजीबो गरीब चीज थी उसके पास ये उडने वाला सांप जिसका नाम वह पदम सांप बता रहा था
जी उसने बताय कि ये सांप हवा में खुले वातावरण में उड भी सकता हैं और उड कर ही अपना शिकार कर अपना पेट भरता है। ये ज्यादा तर आसाम और पहाड़ी इलाके में पाया जाता है। ये अत्यधीक जहरीला होता हे। इसके काटने पर व्यक्ति पानी भी नहीं मांगता ऐसा कहा जाता हैं इसके बारे में ये कितना सच है ये तो मैं नहीं जानता लेकिन मैं उसके बताये अनुसार ही आपको बता रहा हू।
कुल मिलाकर उसका ये हरा और उडने वाला सांप लोगों के कोतुहल का कारण बना हुआ था हरे रंग के सांप के उपर अजगर जैसी धारियां बनी हुई है। और एक सांप तो उसके पास बहुत ही बारिक है। जो हल्के भूरे रंग का है। उसे बहुत ही गोर करके देखने पर ही दिखाई देता है।
बाकि उसके पास जड़ी बुटियों से बनी दवाइयाँ थी और उन्ही जड़िबुटियों से बना तेला था जो वह बेच रहा था मै। तो इन सब दवाओं में विश्वास नहीं करता इसलिए मैने उनकी तरफ ज्यादा ध्यान न  देकर उन जन्तुओं की

तरफ ही ज्यादा ध्यान दिया
हालाकि बहुत से लोगों ने वो तेल खरीदा भी मेरा तो मानना है कि इस प्रकार किसी अनजान बीना जानकारी के खेल दिखाने वाले व्यक्ति से ये दवाइयाँ लेना एक मूर्खता का काम है। 


बस इतना ही आगे फिर मिलते है। कही नहीं जाइयेगा पढ्रते रहिएगा 

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आपके पढ़ने लायक यहां भी है।

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